किसानों के लिए बड़ी राहत की खबर है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज यानी 19 जुलाई को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत राज्य के 10.54 लाख किसानों के बैंक खातों में 1,460.25 करोड़ रुपये की बीमा दावा राशि ट्रांसफर करेंगे। यह राशि सीधे डीबीटी (DBT) के माध्यम से किसानों के खातों में भेजी जाएगी।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री भोपाल जिले के जगदीशपुर से किसानों के खातों में राशि जारी करेंगे। इसी दिन जगदीशपुर में मंत्रिपरिषद की बैठक का भी आयोजन किया जाएगा।
क्या है प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना?
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) केंद्र सरकार की प्रमुख किसान कल्याण योजनाओं में शामिल है। इस योजना के तहत प्राकृतिक आपदा, सूखा, बाढ़, ओलावृष्टि, चक्रवात या अन्य कारणों से फसल खराब होने पर किसानों को बीमा दावा राशि प्रदान की जाती है।
योजना का मुख्य उद्देश्य किसानों को फसल नुकसान की स्थिति में आर्थिक सुरक्षा देना और उनकी आय को सुरक्षित रखना है। इसके लिए किसानों को समय पर अपनी अधिसूचित फसलों का बीमा कराना आवश्यक होता है।
10.54 लाख किसानों के खाते में पहुंचेगी बीमा राशि
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत प्राकृतिक आपदा, अत्यधिक बारिश, सूखा, ओलावृष्टि और अन्य कारणों से फसल खराब होने पर किसानों को आर्थिक सहायता दी जाती है। इसी क्रम में अब राज्य सरकार 10.54 लाख किसानों को राहत राशि देने जा रही है। सरकार के अनुसार किसानों के खातों में 1,460.25 करोड़ रुपये सीधे ट्रांसफर किए जाएंगे, जिससे प्रभावित किसानों को खेती के लिए आर्थिक संबल मिलेगा।
योजना शुरू होने से अब तक किसानों को मिला बड़ा लाभ
मध्य प्रदेश सरकार ने जानकारी दी है कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना शुरू होने से लेकर वर्ष 2024-25 तक प्रदेश के प्रभावित किसानों को कुल 30,942.34 करोड़ रुपये का बीमा दावा भुगतान किया जा चुका है। सरकार का कहना है कि इस योजना का उद्देश्य प्राकृतिक आपदाओं से फसल नुकसान झेलने वाले किसानों को समय पर आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना है, ताकि उनकी खेती प्रभावित न हो।
मुख्यमंत्री ने किसानों से की फसल बीमा कराने की अपील
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि इस बार अल-नीनो के प्रभाव के कारण मानसून सामान्य से कमजोर रहने की संभावना जताई जा रही है। ऐसे में किसानों को सलाह दी गई है कि वे अपनी अधिसूचित फसलों का निर्धारित समय सीमा के भीतर बीमा जरूर कराएं, ताकि किसी भी प्राकृतिक आपदा से फसल खराब होने पर उन्हें बीमा योजना का लाभ मिल सके।
