पर्यावरण संरक्षण और बढ़ते वायु प्रदूषण को कम करने के लिए सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में आने वाले राजस्थान के अलवर और खैरथल-तिजारा जिलों में 22 अगस्त 2026 से ‘परिवर्तन योजना’ लागू की जाएगी। इस योजना के तहत पुराने BS-4 और उससे नीचे के वाहनों को हटाकर BS-6, CNG और इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) को बढ़ावा दिया जाएगा।

सरकार का कहना है कि इस योजना से प्रदूषण कम होगा और वाहन मालिकों को नया वाहन खरीदने पर कई आर्थिक लाभ भी मिलेंगे।

क्या है परिवर्तन योजना?

पहले इस योजना को ‘नया सफर योजना’ के नाम से तैयार किया गया था, जिसे अब ‘परिवर्तन योजना’ नाम दिया गया है। योजना का मुख्य उद्देश्य एनसीआर क्षेत्र में पुराने और प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों को चरणबद्ध तरीके से हटाना है।

इसके तहत पुराने वाहनों को रजिस्टर्ड व्हीकल स्क्रैपिंग सेंटर पर जमा कर नए पर्यावरण अनुकूल वाहन खरीदने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।

नए वाहन खरीदने पर मिलेंगे 6 बड़े फायदे

परिवर्तन योजना के तहत वाहन मालिकों, ट्रांसपोर्टरों और स्कूल बस संचालकों को कई आर्थिक लाभ दिए जाएंगे।

  • नए वाहन की खरीद पर मोटर व्हीकल टैक्स और रजिस्ट्रेशन शुल्क में 100% तक की छूट।
  • वाहन लोन पर 5 प्रतिशत तक ब्याज सब्सिडी।
  • हर महीने फ्यूल वाउचर का लाभ।
  • पुराने वाहन पर बकाया टैक्स में विशेष राहत।
  • ऑटोमोबाइल कंपनियों की ओर से एक्स-शोरूम कीमत पर 8% तक की छूट।
  • नए वाहन लेने पर परमिट नवीनीकरण की प्रक्रिया आसान होगी।

स्कूल बस और बाल वाहिनी संचालकों को मिलेगा सबसे ज्यादा फायदा

इस योजना से स्कूल बस और बाल वाहिनी संचालकों को बड़ी राहत मिलेगी। वे सरकार की सब्सिडी और अन्य छूट का लाभ लेकर अपने पुराने वाहनों को कम लागत में BS-6 या इलेक्ट्रिक वाहनों से बदल सकेंगे। इससे बच्चों की सुरक्षा के साथ-साथ प्रदूषण में भी कमी आएगी।

कौन उठा सकेगा योजना का लाभ?

योजना का लाभ मुख्य रूप से दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में आने वाले राजस्थान के अलवर और खैरथल-तिजारा जिलों के वाहन मालिकों को मिलेगा। इसमें निजी वाहन, व्यावसायिक वाहन, ट्रक, बस और स्कूल वाहनों के मालिक शामिल हैं।

कैसे करें आवेदन?

योजना का लाभ लेने के लिए पात्र वाहन मालिकों को परिवर्तन पोर्टल पर ऑनलाइन पंजीकरण करना होगा। इसके अलावा संबंधित जिला कलेक्टर कार्यालय के माध्यम से भी आवेदन किया जा सकेगा।

यदि वाहन मालिक पुराने BS-4 या उससे नीचे के वाहन को स्क्रैप कराते हैं, तो उन्हें निर्धारित प्रक्रिया पूरी करनी होगी। वहीं BS-4 वाहनों को एनसीआर और नॉन-अटेनमेंट शहरों के बाहर बेचा जा सकता है, लेकिन इसकी जानकारी परिवर्तन पोर्टल पर दर्ज करना अनिवार्य होगा।