उत्तर प्रदेश की बेटियों के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना को मंजूरी दे दी गई है। इस योजना के तहत स्नातक की पढ़ाई में बेहतर प्रदर्शन करने वाली मेधावी छात्राओं को सरकार मुफ्त स्कूटी उपलब्ध कराएगी। सरकार का मानना है कि इससे छात्राओं को उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहन मिलेगा और उन्हें आने-जाने में भी सुविधा होगी।

कैबिनेट के फैसले के अनुसार यह योजना राज्य के सरकारी, निजी, स्ववित्तपोषित और संबद्ध महाविद्यालयों की छात्राओं पर लागू होगी। शैक्षणिक सत्र 2025-26 में स्नातक परीक्षा पास करने वाली प्रत्येक कॉलेज और विश्वविद्यालय की टॉप-5 छात्राओं को इस योजना का लाभ दिया जाएगा।

इन छात्राओं को मिलेगा योजना का फायदा

सरकार ने योजना के लिए आय सीमा भी तय की है। जिन परिवारों की वार्षिक आय 12 लाख रुपये से कम है, उनकी पात्र छात्राओं को मुफ्त स्कूटी दी जाएगी। इतना ही नहीं, स्कूटी के रजिस्ट्रेशन, बीमा और शुरुआती 5 लीटर पेट्रोल का खर्च भी सरकार ही वहन करेगी।

योजना में दिव्यांग, निराश्रित और शहीद परिवार की छात्राओं को भी विशेष प्राथमिकता दी गई है। इन छात्राओं के लिए मेरिट की अनिवार्यता लागू नहीं होगी, ताकि जरूरतमंद बेटियों को भी इसका लाभ मिल सके।

सरकार ने पारदर्शी व्यवस्था की तैयार

कैबिनेट बैठक में बताया गया कि योजना के तहत सभी स्कूटियों की खरीद Government e-Marketplace (GeM) के माध्यम से की जाएगी। इससे खरीद प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी रहेगी और लाभार्थियों को समय पर सुविधा मिल सकेगी।

कैबिनेट बैठक में हुए कई अन्य अहम फैसले

स्कूटी योजना के अलावा सरकार ने प्रदेश के विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को भी मंजूरी दी है। विंध्य एक्सप्रेसवे और पूर्वांचल स्पर लिंक के अलाइनमेंट को स्वीकृति दी गई है। वहीं प्रदेश में सार्वजनिक परिवहन को मजबूत करने के लिए 400 करोड़ रुपये की लागत से नई इलेक्ट्रिक बसें खरीदी जाएंगी।

इसके साथ ही वाराणसी में मुख्यमंत्री श्रमजीवी महिला छात्रावास योजना के तहत आधुनिक महिला छात्रावास बनाने का फैसला लिया गया है। राज्य के विश्वविद्यालयों में भारतीय ज्ञान परंपरा पर शोध को बढ़ावा देने के लिए विशेष शोधपीठ भी स्थापित की जाएगी।

फिलहाल सरकार ने योजना को मंजूरी दी है। आवेदन प्रक्रिया और अन्य दिशा-निर्देश जल्द जारी किए जाने की संभावना है। इसके बाद पात्र छात्राएं योजना का लाभ लेने के लिए आवेदन कर सकेंगी।