बिहार सरकार की परवरिश योजना बेसहारा और जरूरतमंद बच्चों के लिए बड़ी राहत बन रही है। इस योजना के तहत ऐसे बच्चों को हर महीने 1,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है, ताकि उनकी पढ़ाई, स्वास्थ्य और पोषण पर कोई असर न पड़े। यह राशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में भेजी जाती है।

पूर्वी चंपारण (मोतिहारी) जिले में इस योजना का लाभ बड़ी संख्या में बच्चों को मिल रहा है। जिला बाल संरक्षण इकाई के अनुसार जिले में 1,165 बच्चे पंजीकृत हैं, जिनमें से 1,013 बच्चों को हर महीने योजना का लाभ दिया जा रहा है।

किन बच्चों को मिलता है योजना का लाभ?

परवरिश योजना का लाभ 0 से 18 वर्ष तक के ऐसे बच्चों को दिया जाता है, जो कठिन परिस्थितियों में जीवन बिता रहे हैं।

योजना के तहत इन बच्चों को शामिल किया जाता है।

  • जिन बच्चों के माता-पिता दोनों की मृत्यु हो चुकी है।
  • एचआईवी/एड्स या 80 प्रतिशत से अधिक दिव्यांग माता-पिता के बच्चे।
  • ऐसे बच्चे जिनके माता-पिता जेल में बंद हैं।

सरकार का उद्देश्य है कि कोई भी जरूरतमंद बच्चा शिक्षा और बेहतर जीवन से वंचित न रहे।

हर महीने मिलते हैं ₹1000

योजना के तहत पात्र बच्चों को हर महीने 1,000 रुपये की सहायता राशि सीधे बैंक खाते में भेजी जाती है। इस राशि का उपयोग बच्चों की पढ़ाई, स्वास्थ्य और अन्य जरूरी जरूरतों के लिए किया जा सकता है।

आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेज

  • बच्चे का आधार कार्ड
  • माता-पिता का मृत्यु प्रमाण पत्र या बीमारी/जेल संबंधी प्रमाण पत्र
  • आय प्रमाण पत्र
  • बैंक खाते की पासबुक

ऐसे करें आवेदन

अगर आप इस योजना के लिए पात्र हैं तो आवेदन करना बिल्कुल आसान है।

  • नजदीकी आंगनवाड़ी केंद्र से आवेदन फॉर्म लें।
  • या बाल विकास परियोजना कार्यालय (CDPO) में जाकर आवेदन करें।
  • जिला बाल संरक्षण इकाई से भी फॉर्म प्राप्त किया जा सकता है।
  • इसके अलावा सरकार की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन आवेदन भी किया जा सकता है।