मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना का लाभ ले रही महिलाओं के लिए जरूरी खबर है। मध्य प्रदेश में योजना के लाभार्थियों का वेरिफिकेशन होने की चर्चा तेज हो गई है। हाल ही में इंदौर जिले में 19 हजार से ज्यादा महिलाओं के नाम योजना से हटाए गए हैं। वहीं महाराष्ट्र की लाडकी बहिण योजना और छत्तीसगढ़ की महतारी वंदन योजना में भी लाखों महिलाओं के नाम पात्रता जांच के बाद सूची से हटाए जा चुके हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि मध्य प्रदेश में भी पात्रता की जांच के दौरान अपात्र महिलाओं के नाम हटाए जा सकते हैं।

फिलहाल प्रदेश की करीब 1.25 करोड़ महिलाओं को हर महीने 1,500 रुपये की आर्थिक सहायता मिल रही है। इसलिए सभी लाभार्थियों को समय रहते अपनी पात्रता और जरूरी दस्तावेजों की जांच कर लेनी चाहिए।

इन महिलाओं को मिलता है योजना का लाभ

मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना का लाभ लेने के लिए महिला का मध्य प्रदेश का स्थायी निवासी होना जरूरी है। इसके अलावा महिला की उम्र 21 वर्ष से 60 वर्ष से कम होनी चाहिए।

योजना का लाभ विवाहित, विधवा, तलाकशुदा और परित्यक्ता महिलाएं ले सकती हैं। वहीं परिवार की सालाना आय 2.50 लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए।

इन महिलाओं का नाम हट सकता है

योजना के नियमों के अनुसार कुछ परिस्थितियों में महिलाओं का नाम लाभार्थी सूची से हटाया जा सकता है।

  • परिवार का कोई सदस्य आयकरदाता हो।
  • परिवार में कोई सरकारी कर्मचारी या पेंशनधारी हो।
  • किसी अन्य सरकारी योजना से 1,500 रुपये प्रतिमाह से अधिक पेंशन मिल रही हो।
  • परिवार का कोई सदस्य वर्तमान या पूर्व सांसद या विधायक हो।
  • परिवार का कोई सदस्य बोर्ड, निगम या मंडल में अध्यक्ष, संचालक या सदस्य हो।
  • पंच और उपसरपंच को छोड़कर अन्य निर्वाचित जनप्रतिनिधि परिवार में हो।
  • परिवार के पास 5 एकड़ से अधिक कृषि भूमि हो।

e-KYC नहीं कराया तो रुक सकती है किस्त

अगर आपने अभी तक समग्र पोर्टल पर e-KYC नहीं कराया है तो आपकी अगली किस्त रुक सकती है। सरकार समय-समय पर लाभार्थियों का रिकॉर्ड अपडेट करती है। ऐसे में जिन महिलाओं की e-KYC पूरी नहीं होगी, उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

ऐसे करें e-KYC

e-KYC करने के लिए सबसे पहले समग्र पोर्टल पर जाएं। इसके बाद e-KYC के विकल्प पर क्लिक करें। अब अपनी समग्र आईडी और कैप्चा दर्ज करें। मोबाइल नंबर पर आए OTP को भरने के बाद आधार नंबर की मदद से e-KYC की प्रक्रिया पूरी की जा सकती है।

इन कारणों से भी बंद हो सकता है लाभ

अगर किसी महिला की उम्र 60 वर्ष या उससे अधिक हो जाती है और उसे वृद्धावस्था पेंशन का लाभ मिलने लगता है, तो उसका नाम लाड़ली बहना योजना से हटाया जा सकता है।

इसके अलावा यदि बैंक खाता आधार से लिंक नहीं है या DBT सक्रिय नहीं है, तो किस्त खाते में आने में भी परेशानी हो सकती है। इसलिए सभी लाभार्थी अपने बैंक जाकर यह जरूर जांच लें कि उनका बैंक खाता आधार से लिंक है और DBT चालू है।

समय रहते पूरा कर लें ये काम

अगर आप आगे भी मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना की किस्त बिना किसी रुकावट के लेना चाहती हैं, तो अपनी पात्रता की जांच जरूर करें। साथ ही e-KYC, आधार से लिंक बैंक खाता और सभी जरूरी दस्तावेज अपडेट रखें। भविष्य में वेरिफिकेशन होने पर सही दस्तावेज होने से योजना का लाभ बिना किसी परेशानी के मिलता रहेगा।