राज्य सरकार ने महिलाओं के लिए बड़ा फैसला लिया है। राज्य सरकार ने ‘एक राशन कार्ड, एक साड़ी’ योजना को बंद करने का ऐलान कर दिया है। इस फैसले के बाद राज्य के करीब 24 लाख अंत्योदय राशन कार्ड धारक परिवारों को बड़ा झटका लगा है। हालांकि, सरकार ने साफ किया है कि मुख्यमंत्री माझी लाड़की बहिन योजना पहले की तरह जारी रहेगी और उसे बंद नहीं किया जा रहा है।
कुछ महीने पहले बजट को लेकर लाड़की बहिन योजना बंद होने की चर्चाएं हुई थीं, लेकिन सरकार ने इन खबरों को खारिज कर दिया था। अब महिलाओं के लिए चलाई जा रही फ्री साड़ी योजना को बंद करने का फैसला लिया गया है।
क्या थी ‘एक राशन कार्ड, एक साड़ी’ योजना?
इस योजना की शुरुआत साल 2023 में की गई थी। इसके तहत अंत्योदय राशन कार्ड धारक परिवार की एक महिला को हर साल पावरलूम से बनी एक मुफ्त साड़ी राशन की दुकान के माध्यम से दी जाती थी। योजना को पांच साल तक चलाने की घोषणा की गई थी, लेकिन इसे तय समय से पहले ही बंद कर दिया गया।
क्यों बंद की गई फ्री साड़ी योजना?
महाराष्ट्र सरकार इन दिनों आर्थिक दबाव को कम करने के लिए कई योजनाओं की समीक्षा कर रही है। सरकार का कहना है कि इस योजना को बंद करने से हर साल करीब 90 करोड़ रुपये की बचत होगी। योजना शुरू करते समय इसका कुल अनुमानित बजट 450 करोड़ रुपये रखा गया था, लेकिन इसे पांच साल पूरे होने से पहले ही समाप्त कर दिया गया।
पहली बार कब बांटी गई थीं मुफ्त साड़ियां?
योजना के तहत पहली बार जनवरी से मार्च 2024 के बीच अंत्योदय राशन कार्ड धारक परिवारों की महिलाओं को राशन दुकानों के माध्यम से मुफ्त साड़ियां वितरित की गई थीं। इसके बाद योजना का लाभ लाखों महिलाओं को मिला, लेकिन अब आगे इसका लाभ नहीं मिलेगा।
