PM Surya Ghar Muft Bijli Yojana देशभर में तेजी से आगे बढ़ रही है। केंद्र सरकार ने संसद में जानकारी दी है कि इस योजना से अब तक 50 लाख से अधिक परिवार जुड़ चुके हैं। इनमें से करीब 19 लाख परिवारों का बिजली बिल जीरो हो गया है। यदि आप भी अपने घर की छत पर रूफटॉप सोलर लगवाना चाहते हैं, तो इस योजना के तहत सरकार की ओर से ₹78,000 तक की केंद्रीय सब्सिडी का लाभ ले सकते हैं। दिल्ली के लोगों को राज्य सरकार की अतिरिक्त सब्सिडी मिलने पर कुल ₹1.08 लाख तक का फायदा मिल सकता है।

सरकार का कहना है कि PM Surya Ghar Yojana अब दुनिया का सबसे बड़ा घरेलू रूफटॉप सोलर कार्यक्रम बनता जा रहा है। इस योजना का उद्देश्य लोगों का बिजली खर्च कम करना, स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देना और अतिरिक्त बिजली बेचकर परिवारों की आय बढ़ाना है।

PM Surya Ghar Yojana 2026 Overview

विवरणजानकारी
योजना का नामPM Surya Ghar Muft Bijli Yojana
योजना शुरूकेंद्र सरकार
लाभार्थीदेश के सभी पात्र बिजली उपभोक्ता
अब तक लाभार्थी50.06 लाख से अधिक परिवार
जीरो बिजली बिल वाले परिवारलगभग 19 लाख
कुल बजट₹75,021 करोड़
अधिकतम केंद्रीय सब्सिडी₹78,000
आवेदन का माध्यमऑनलाइन

PM Surya Ghar Yojana 2026 Latest Update

केंद्र सरकार के अनुसार योजना शुरू होने के केवल 2 वर्षों में 50.06 लाख से ज्यादा परिवार इससे जुड़ चुके हैं। जबकि इससे पहले पूरे 10 वर्षों में देशभर में केवल 7.94 लाख रूफटॉप सोलर इंस्टॉलेशन हुए थे। इससे साफ है कि योजना की रफ्तार पहले की तुलना में कई गुना बढ़ गई है।

सरकार ने बताया कि योजना की लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है और अब हर 6 दिन में लगभग 1 लाख परिवार इस योजना से जुड़ रहे हैं। पिछले 9 महीनों के दौरान रूफटॉप सोलर लगाने की गति में तीन गुना से अधिक बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

जुलाई 2026 में बना नया रिकॉर्ड

सरकार के आंकड़ों के अनुसार अक्टूबर 2025 में प्रतिदिन औसतन 5,038 रूफटॉप सोलर इंस्टॉलेशन हो रहे थे। वहीं जुलाई 2026 में यह संख्या बढ़कर करीब 16,328 इंस्टॉलेशन प्रतिदिन पहुंच गई।

सिर्फ जुलाई 2026 के दौरान ही 5.06 लाख परिवार इस योजना से जुड़े, जो अब तक का सबसे बड़ा मासिक रिकॉर्ड माना जा रहा है।

19 लाख परिवारों का बिजली बिल हुआ जीरो

इस योजना के तहत सरकार अब तक ₹28,024 करोड़ की सब्सिडी सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में DBT के माध्यम से भेज चुकी है। सब्सिडी मिलने से सोलर सिस्टम लगाने का खर्च काफी कम हो गया है।

सरकार के अनुसार करीब 19 लाख परिवारों का बिजली बिल अब पूरी तरह जीरो हो चुका है। इससे लाखों परिवारों का हर महीने होने वाला बिजली खर्च बच रहा है।

अतिरिक्त बिजली बेचकर भी हो रही कमाई

इस योजना का एक बड़ा फायदा यह भी है कि यदि आपके घर में जरूरत से ज्यादा बिजली बनती है, तो उसे ग्रिड में बेचकर अतिरिक्त आय भी प्राप्त की जा सकती है।

सरकारी आंकड़ों के अनुसार 12 लाख से अधिक परिवारों ने वित्त वर्ष 2024-25 में अतिरिक्त बिजली बेचकर कुल ₹421 करोड़ की कमाई की। यानी औसतन प्रत्येक परिवार को लगभग ₹3,500 सालाना अतिरिक्त आय प्राप्त हुई।

गरीब परिवारों को भी मिल रहा योजना का लाभ

सरकार इस योजना का लाभ आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों तक भी पहुंचा रही है। प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY), BPL और SC/ST परिवारों के लिए 4 राज्यों में लगभग 1.60 लाख रूफटॉप सोलर इंस्टॉलेशन पूरे किए जा चुके हैं। सरकार ने अब इस मॉडल को 12 राज्यों में लागू करने की भी मंजूरी दे दी है, ताकि अधिक से अधिक जरूरतमंद परिवार योजना का लाभ उठा सकें।

कितनी मिलेगी सब्सिडी?

सोलर सिस्टमकेंद्रीय सब्सिडी
1 किलोवाट₹30,000
2 किलोवाट₹60,000
3 किलोवाट₹78,000 तक

दिल्ली और हरियाणा के लोगों को मिलेगा अतिरिक्त फायदा

  • केंद्र सरकार की सब्सिडी – ₹78,000 तक
  • दिल्ली और हरियाणा सरकार की अतिरिक्त सब्सिडी – ₹30,000 तक
  • कुल लाभ – ₹1.08 लाख तक

PM Surya Ghar Yojana 2026 के लिए आवेदन कैसे करें?

यदि आप इस योजना का लाभ लेना चाहते हैं, तो घर बैठे ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

  • सबसे पहले योजना के आधिकारिक पोर्टल पर जाकर रजिस्ट्रेशन करें।
  • अपना राज्य, बिजली वितरण कंपनी (DISCOM) और बिजली उपभोक्ता नंबर दर्ज करें।
  • लॉगिन करके आवेदन फॉर्म भरें।
  • सरकार द्वारा अधिकृत (Approved) Vendor का चयन करें।
  • DISCOM से मंजूरी मिलने के बाद रूफटॉप सोलर सिस्टम लगवाएं।
  • नेट मीटरिंग और निरीक्षण पूरा होने के बाद सब्सिडी DBT के माध्यम से सीधे आपके बैंक खाते में भेज दी जाएगी।

योजना से बढ़ा रोजगार

PM Surya Ghar Yojana का लाभ केवल बिजली उपभोक्ताओं तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे रोजगार के नए अवसर भी पैदा हुए हैं। सरकार के अनुसार अब तक 34,219 Vendors का पंजीकरण किया जा चुका है, जिनमें 29,469 सक्रिय हैं।

इसके अलावा विभिन्न स्किल डेवलपमेंट कार्यक्रमों के माध्यम से 2.32 लाख से अधिक लोगों को प्रशिक्षण दिया गया है। योजना के तहत अब तक 14.8 गीगावाट रूफटॉप सोलर क्षमता स्थापित की जा चुकी है।