धान की सीधी बिजाई (DSR) पर सब्सिडी लेने के लिए आवेदन करने वाले हजारों किसानों के लिए बड़ी अपडेट सामने आई है। सत्यापन के दौरान 25,210 किसानों के आवेदन अपात्र पाए गए हैं। इसके बाद कृषि विभाग ने इन किसानों के नाम सब्सिडी सूची से हटा दिए हैं। अब इन किसानों को ₹4,500 प्रति एकड़ की प्रोत्साहन राशि नहीं मिलेगी।
विभाग की ओर से बताया गया है कि जिन किसानों ने सीधी बिजाई का दावा किया था, उनके खेतों का मौके पर जाकर सत्यापन किया गया। जांच में बड़ी संख्या में ऐसे मामले सामने आए, जहां खेत में सीधी बिजाई होने के पर्याप्त प्रमाण नहीं मिले।
सत्यापन में कैसे खुली गड़बड़ी?
कृषि विभाग की टीम रजिस्ट्रेशन कराने वाले किसानों के खेतों का निरीक्षण कर रही है। सत्यापन के दौरान खेतों में फसल की स्थिति, पानी भराव और सीधी बिजाई के प्रमाण देखे जा रहे हैं। विभाग के अनुसार अब तक जांच किए गए कई खेतों में सीधी बिजाई की पुष्टि नहीं हो सकी, जिसके चलते संबंधित किसानों को सब्सिडी सूची से बाहर कर दिया गया।
अधिकारियों का कहना है कि सत्यापन पूरा होने के बाद ही पात्र किसानों को सब्सिडी का लाभ दिया जाएगा।
28 जुलाई तक चलेगा सत्यापन
जिले में धान की सीधी बिजाई का सत्यापन अभियान 28 जुलाई तक जारी रहेगा। जिन किसानों ने योजना के तहत पंजीकरण कराया है, उनके खेतों का निरीक्षण किया जा रहा है। सत्यापन पूरा होने के बाद पात्र किसानों के खातों में सब्सिडी राशि भेजने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।
किन जिलों में कितने किसानों की हुई जांच?
विभाग की ओर से जारी जानकारी के अनुसार सबसे ज्यादा सत्यापन रोहतक जिले में किया जा रहा है। इसके अलावा सिरसा, फतेहाबाद, पलवल, जींद, हिसार, झज्जर, कैथल, करनाल और अन्य जिलों में भी टीमें लगातार खेतों का निरीक्षण कर रही हैं।
किसानों को क्या करना चाहिए?
जिन किसानों ने धान की सीधी बिजाई योजना के तहत आवेदन किया है, उन्हें अपने खेत में किए गए कार्य का सही रिकॉर्ड और जरूरी जानकारी उपलब्ध रखनी चाहिए। यदि सत्यापन टीम निरीक्षण के लिए पहुंचे, तो पूरा सहयोग करें। पात्र पाए जाने पर ही ₹4,500 प्रति एकड़ की सब्सिडी का लाभ दिया जाएगा।
