हरियाणा में चल रहे Special Intensive Revision (SIR) अभियान को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। निर्वाचन आयोग के अनुसार राज्य में मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण का कार्य अंतिम चरण में पहुंच चुका है। अब तक अधिकांश मतदाताओं के एन्यूमरेशन फॉर्म जमा हो चुके हैं, जबकि लाखों फॉर्म अभी भी जमा होने बाकी हैं। जिन मतदाताओं ने अभी तक अपना फॉर्म जमा नहीं किया है, उनके लिए आज अंतिम अवसर है।

निर्वाचन आयोग के आंकड़ों के अनुसार राज्य में करीब 2.06 करोड़ मतदाता हैं। इनमें से लगभग 1.67 करोड़ मतदाताओं के फॉर्म का सत्यापन कर डिजिटलाइजेशन किया जा चुका है। वहीं, करीब 28 लाख मतदाताओं के फॉर्म अब तक प्राप्त नहीं हुए हैं। ऐसे मामलों में मतदाता सूची से नाम हटने की संभावना जताई जा रही है, हालांकि अंतिम निर्णय निर्धारित प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही लिया जाएगा।

अब तक कितनी हुई प्रगति?

निर्वाचन विभाग के मुताबिक राज्यभर में SIR अभियान का लगभग 94 प्रतिशत से अधिक कार्य पूरा हो चुका है। हजारों बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) द्वारा घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन किया गया है और प्राप्त फॉर्म का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया जा रहा है।

किन कारणों से हट सकता है नाम?

निर्वाचन आयोग के अनुसार जिन मतदाताओं के फॉर्म प्राप्त नहीं हुए हैं, उनमें कई ऐसे मामले भी शामिल हो सकते हैं—

  • दूसरे शहर या राज्य में स्थानांतरण।
  • मतदाता की मृत्यु।
  • एक से अधिक स्थान पर नाम दर्ज होना।
  • सत्यापन के दौरान जानकारी उपलब्ध न होना।
  • निर्धारित समय तक फॉर्म जमा न करना।

अंतिम निर्णय सभी मामलों की जांच के बाद ही लिया जाएगा।

ड्राफ्ट वोटर लिस्ट कब होगी जारी?

निर्वाचन कार्यक्रम के अनुसार—

  • ड्राफ्ट मतदाता सूची: 21 जुलाई 2026
  • दावे एवं आपत्तियां: 21 जुलाई से 20 अगस्त 2026
  • आपत्तियों का निस्तारण: 18 सितंबर 2026 तक
  • अंतिम मतदाता सूची: 22 सितंबर 2026

यदि किसी पात्र मतदाता का नाम ड्राफ्ट सूची में नहीं मिलता है, तो वह निर्धारित अवधि के दौरान दावा प्रस्तुत कर सकता है।

अगर फॉर्म जमा नहीं किया तो क्या करें?

यदि आपने अभी तक अपना एन्यूमरेशन फॉर्म जमा नहीं किया है, तो बिना देरी किए संबंधित BLO, निर्वाचन कार्यालय या निर्वाचन आयोग द्वारा उपलब्ध कराए गए माध्यम से अपनी प्रक्रिया पूरी करें। इससे आपका नाम मतदाता सूची में सुरक्षित रखने में मदद मिलेगी।