छत्तीसगढ़ सरकार की महत्वाकांक्षी महतारी वंदन योजना में बड़े स्तर पर लाभार्थियों का सत्यापन किया गया है। सत्यापन के बाद अब तक 1 लाख 55 हजार से अधिक महिलाओं के नाम योजना की सूची से हटाए जा चुके हैं। महिला एवं बाल विकास विभाग के अनुसार पात्रता की दोबारा जांच, लाभार्थी की मृत्यु, दूसरे राज्य में स्थायी रूप से स्थानांतरण, आयु में बदलाव और दस्तावेजों के सत्यापन के दौरान बड़ी संख्या में अपात्र हितग्राहियों को सूची से बाहर किया गया है।

सरकार का कहना है कि योजना का लाभ केवल वास्तविक पात्र महिलाओं तक पहुंचाने के लिए यह कार्रवाई की गई है। जिन महिलाओं के नाम गलती से हटे हैं या जो पात्र होने के बावजूद सूची में शामिल नहीं हैं, उन्हें नियमानुसार दोबारा दावा करने का मौका दिया जाएगा।

रायपुर में सबसे ज्यादा नाम हटाए गए

विभाग की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार रायपुर जिले में सबसे ज्यादा 12,043 महिलाओं के नाम महतारी वंदन योजना से हटाए गए हैं। इसके अलावा बिलासपुर में 8,886, महासमुंद में 8,605, दुर्ग में 8,124, रायगढ़ में 8,870 और जांजगीर-चांपा में 7,570 हितग्राहियों के नाम सूची से हटाए गए हैं।

इसी तरह बलौदाबाजार में 6,773, जशपुर में 6,473, कोरबा में 6,234, बलोद में 5,532, राजनांदगांव में 5,358, बलरामपुर में 5,244, धमतरी में 5,088, सरगुजा में 5,084 और सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 5,033 नाम काटे गए हैं।

वहीं बस्तर में 4,974, कबीरधाम में 4,940, सूरजपुर में 4,719, मुंगेली में 4,456, महासमुंद, कांकेर, गरियाबंद और अन्य जिलों में भी हजारों लाभार्थियों को अपात्र पाए जाने पर योजना से बाहर किया गया है। सबसे कम कार्रवाई सुकमा (373) और नारायणपुर (445) जिलों में दर्ज की गई है।

सनी लियोनी के फर्जी आवेदन के बाद तेज हुआ सत्यापन अभियान

महतारी वंदन योजना वर्ष 2024 में उस समय सुर्खियों में आई थी, जब अभिनेत्री सनी लियोनी के नाम से फर्जी आवेदन कर सरकारी सहायता राशि निकाले जाने का मामला सामने आया था। जांच में पता चला कि फर्जी दस्तावेजों के आधार पर आवेदन कर योजना का लाभ लिया गया था।

मामला सामने आने के बाद छत्तीसगढ़ सरकार ने पूरे प्रदेश में लाभार्थियों का विशेष सत्यापन अभियान शुरू किया, जिसके बाद बड़ी संख्या में अपात्र नामों को सूची सामने निकल कर आई।

इन मामलों में भी हुई कार्रवाई

सत्यापन के दौरान कई चौंकाने वाले मामले सामने आए। खैरागढ़ जिले में एक सीएससी संचालक ने गलत तरीके से आवेदन कर करीब एक वर्ष तक योजना की राशि प्राप्त की। आरटीआई के जरिए मामला सामने आने पर उसका नाम हटाकर रिकवरी की प्रक्रिया शुरू कर दी गई।

इसी तरह पेंड्रा निवासी एक व्यक्ति का आवेदन भी सत्यापन में अपात्र पाया गया। वहीं बस्तर जिले में अभिनेत्री सनी लियोनी के नाम से फर्जी आवेदन कर किसी अन्य व्यक्ति के खाते में योजना की राशि ट्रांसफर होने का मामला भी सामने आया था।

किन कारणों से कट रहे हैं नाम

महिला एवं बाल विकास विभाग के अनुसार जिन महिलाओं की मृत्यु हो चुकी है, जिन्होंने गलत जानकारी देकर आवेदन किया, जो पात्रता की शर्तें पूरी नहीं करतीं, या महिलाएं दूसरे राज्य में स्थायी रूप से स्थानांतरित हो गईं है या जिनके दस्तावेज सत्यापन में सही नहीं पाए गए, उनके नाम योजना से हटाए जा रहे हैं।

बीजापुर में बढ़े लाभार्थी

जहां अधिकांश जिलों में सत्यापन के दौरान नाम हटाए गए हैं, वहीं बीजापुर ऐसा जिला है जहां नए पात्र आवेदनों के सत्यापन के बाद लाभार्थियों की संख्या बढ़ी है। विभाग का कहना है कि पात्र महिलाओं को योजना का लाभ दिलाने के लिए लगातार आवेदन और दावों की जांच की जा रही है।

गलती से नाम कट गया तो क्या करें?

यदि किसी पात्र महिला का नाम गलती से सूची से हट गया है या किसी तकनीकी कारण से लाभ बंद हो गया है, तो वह संबंधित महिला एवं बाल विकास विभाग के कार्यालय में जाकर निर्धारित प्रक्रिया के तहत अपना दावा प्रस्तुत कर सकती है। सत्यापन सही पाए जाने पर दोबारा योजना में शामिल किया जा सकता है।