हरियाणा सरकार ने पक्के घर का सपना देख रहे हजारों ग्रामीण परिवारों को बड़ी राहत दी है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G) के तहत 20,165 पात्र परिवारों के बैंक खातों में 107 करोड़ रुपये की पहली किस्त ट्रांसफर कर दी है। यह राशि सीधे डीबीटी (DBT) के माध्यम से भेजी गई है, जिससे लाभार्थी अपने मकान का निर्माण शुरू कर सकेंगे।
मुख्यमंत्री ने यह राशि चंडीगढ़ में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम के दौरान जारी की। इसी कार्यक्रम में सरकार ने विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के तहत 50 लाख से अधिक लाभार्थियों को कुल 1,582.16 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता भी सीधे बैंक खातों में भेजी।
हरियाणा में अब तक कितने मकानों को मिली मंजूरी?
सरकार की ओर से जारी जानकारी के अनुसार प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत प्रदेश में अब तक 76,466 मकानों को स्वीकृति मिल चुकी है। इनमें से 41,260 घर पूरी तरह तैयार हो चुके हैं, जबकि 35,206 मकानों का निर्माण कार्य अभी जारी है।
राज्य सरकार अब तक इस योजना के तहत 827.22 करोड़ रुपये से अधिक की वित्तीय सहायता लाभार्थियों के खातों में भेज चुकी है। सरकार का मानना है कि समय पर किस्त मिलने से निर्माण कार्य में तेजी आएगी और गरीब परिवार जल्द अपने नए घर में प्रवेश कर सकेंगे।
किन लोगों को मिलता है योजना का लाभ?
प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण का लाभ उन ग्रामीण परिवारों को दिया जाता है जिनके पास रहने के लिए पक्का मकान नहीं है या जो कच्चे घरों में रह रहे हैं। पात्र परिवारों का चयन SECC डेटा, ग्राम सभा की अनुशंसा और सरकार द्वारा तय नियमों के आधार पर किया जाता है।
किस्त कैसे जारी होती है?
इस योजना में पूरी सहायता राशि एक साथ नहीं दी जाती। मकान निर्माण की प्रगति के अनुसार अलग-अलग चरणों में किस्त लाभार्थी के बैंक खाते में भेजी जाती है। प्रत्येक भुगतान सीधे DBT के माध्यम से किया जाता है, जिससे पूरी प्रक्रिया पारदर्शी बनी रहती है।
अगर आपने भी आवेदन किया है तो यह जरूर करें
यदि आपने प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के लिए आवेदन किया है, तो समय-समय पर अपने आवेदन और भुगतान की स्थिति जरूर जांचते रहें। जिन लाभार्थियों का नाम स्वीकृत सूची में शामिल है, उन्हें निर्माण कार्य के अनुसार अगली किस्त भी सीधे बैंक खाते में जारी की जाती है।
