पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने और प्रदेश में हरित क्षेत्र बढ़ाने के उद्देश्य से शुरू की गई वन मित्र योजना को सरकार ने और आसान बना दिया है। पहले योजना में कई ऐसी शर्तें थीं, जिनके कारण लोग इससे जुड़ने में रुचि नहीं दिखा रहे थे। अब सरकार ने नियमों में बदलाव करते हुए प्रक्रिया को सरल कर दिया है, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग इस योजना का लाभ उठा सकें और पौधारोपण के साथ अतिरिक्त आय भी कमा सकें।
सरकार का दावा है कि योजना के तहत एक वन मित्र साल में अधिकतम 1,000 पौधे लगाकर करीब 1.70 लाख रुपये तक की अतिरिक्त कमाई कर सकता है। इसके साथ ही पौधों की देखभाल के लिए भी अलग से मानदेय दिया जाएगा।
जिले में 1,327 वन मित्र पंजीकृत, लेकिन केवल 24 ही हैं एक्टिव
वन विभाग के अनुसार जिले में अब तक 1,327 वन मित्रों का पंजीकरण हो चुका है, लेकिन इनमें से फिलहाल केवल 24 वन मित्र ही सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं। पिछले दो वर्षों में इन सक्रिय वन मित्रों ने जिलेभर में 2 लाख 34 हजार 660 पौधे लगाए हैं। इसके बदले सरकार की ओर से अब तक 7 लाख 48 हजार रुपये का मानदेय जारी किया जा चुका है।
सरकार ने आसान किए योजना के नियम
वन मित्र योजना करीब दो साल पहले शुरू की गई थी, लेकिन अब इसमें कई बड़े बदलाव किए गए हैं। पहले योजना के तहत केवल बड़े पौधे लगाने की अनुमति थी, लेकिन अब छोटे पौधे भी लगाए जा सकेंगे। इसके अलावा पौधारोपण के लिए निर्धारित दूरी को भी कम कर दिया गया है, जिससे ज्यादा पौधे लगाए जा सकें।
मोबाइल ऐप भी हुआ पहले से आसान
वन विभाग ने वन मित्र मोबाइल ऐप को भी पहले की तुलना में काफी आसान बना दिया है। अब पौधों की जियो टैगिंग, फोटो अपलोड करने और प्रोग्रेस रिपोर्ट भेजने की प्रक्रिया सरल कर दी गई है। इससे वन मित्रों को काम करने में पहले की तुलना में कम परेशानी होगी।
पौधा लगाने पर कितना मिलेगा पैसा?
वन मित्र योजना के तहत सरकार अलग-अलग चरणों में मानदेय देती है।
- गड्ढा खोदने पर – ₹20 प्रति पौधा
- पौधा लगाने पर – ₹30 प्रति पौधा
- पहले वर्ष पौधे की देखभाल के लिए – ₹10 प्रति पौधा प्रति माह
इसके बाद भी वन मित्र को चार वर्षों तक पौधों की देखभाल करनी होगी। इस अवधि के दौरान भी सरकार निर्धारित मानदेय का भुगतान करती रहेगी।
अब सरकारी ही नहीं, निजी जमीन पर भी लगा सकेंगे पौधे
सरकार ने इस योजना का दायरा भी बढ़ा दिया है। अब वन मित्र सरकारी और पंचायती भूमि के अलावा किसानों की निजी जमीन पर भी पौधे लगा सकेंगे।हालांकि इसके लिए संबंधित किसान का सहमति पत्र (Consent Letter) लेना अनिवार्य होगा। इसमें यह स्पष्ट होना चाहिए कि जमीन मालिक को अपनी भूमि पर पौधे लगाने और उनकी देखभाल कराने पर कोई आपत्ति नहीं है।
कौन बन सकता है वन मित्र?
- आवेदक हरियाणा का स्थायी निवासी होना चाहिए।
- परिवार की वार्षिक आय 1.80 लाख रुपये से कम होनी चाहिए।
- आवेदक की उम्र 18 से 60 वर्ष के बीच होनी चाहिए।
ऐसे करें ऑनलाइन पंजीकरण
वन मित्र योजना से जुड़ने के इच्छुक युवाओं और नागरिकों को वन विभाग के आधिकारिक वन मित्र पोर्टल पर जाकर ऑनलाइन पंजीकरण करना होगा। पंजीकरण के बाद विभाग की ओर से प्रशिक्षण और मोबाइल ऐप के उपयोग की जानकारी भी दी जाती है, ताकि वन मित्र सही तरीके से पौधारोपण और उनकी देखभाल का कार्य कर सकें।
