अगर आप अपने घर की छत पर सोलर पैनल लगवाने की योजना बना रहे हैं, तो आपके लिए राहत भरी खबर है। अब घरेलू उपभोक्ताओं को ग्रिड कनेक्टेड रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाने के दौरान कुछ जरूरी शुल्क नहीं देने होंगे। नए फैसले के बाद आवेदन प्रक्रिया पहले के मुकाबले सस्ती हो जाएगी, जिससे ज्यादा लोग इस योजना का लाभ उठा सकेंगे।
यह फैसला प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना को तेजी से आगे बढ़ाने के उद्देश्य से लिया गया है। सरकार चाहती है कि अधिक से अधिक परिवार सौर ऊर्जा अपनाएं और अपनी बिजली की जरूरत खुद पूरी करें।
अब नहीं देना होगा आवेदन और मीटर टेस्टिंग शुल्क
नए नियम के अनुसार घरेलू बिजली उपभोक्ताओं से आवेदन शुल्क (Application Fee) और मीटर टेस्टिंग शुल्क (Meter Testing Fee) नहीं लिया जाएगा। पहले रूफटॉप सोलर सिस्टम लगवाने के दौरान इन दोनों मदों में अलग से खर्च करना पड़ता था, लेकिन अब इन्हें पूरी तरह समाप्त कर दिया गया है। इस फैसले से खासतौर पर छोटे और मध्यम वर्ग के परिवारों को राहत मिलेगी, क्योंकि अब सोलर सिस्टम लगाने की शुरुआती लागत पहले से कम हो जाएगी।
बिजली कंपनियों के नुकसान की भरपाई कौन करेगा?
इन शुल्कों को समाप्त करने के बाद बिजली वितरण कंपनियों को होने वाले आर्थिक नुकसान की भरपाई केंद्र सरकार करेगी। इसके लिए नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (MNRE) ने करीब 4,950 करोड़ रुपये का प्रोत्साहन बजट निर्धारित किया है। सरकार का मानना है कि इससे देशभर में करोड़ों घरों तक रूफटॉप सोलर पहुंचाने के लक्ष्य को हासिल करने में तेजी आएगी।
3 किलोवाट तक के सोलर सिस्टम पर मिल रही ₹78,000 की सब्सिडी
प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत 3 किलोवाट तक के ग्रिड कनेक्टेड रूफटॉप सोलर सिस्टम पर केंद्र सरकार की ओर से ₹78,000 तक की सब्सिडी दी जा रही है।
सब्सिडी का वितरण इस प्रकार किया जाता है—
- पहले 1 किलोवाट पर ₹30,000
- दूसरे 1 किलोवाट पर ₹30,000
- तीसरे 1 किलोवाट पर ₹18,000
यानी कुल मिलाकर पात्र उपभोक्ता ₹78,000 तक की सरकारी सहायता प्राप्त कर सकते हैं।
पहले किन-किन चीजों के लिए देना पड़ता था पैसा?
पहले सोलर सिस्टम लगाने के लिए उपभोक्ताओं और बिजली कंपनी के बीच ₹1,000 के स्टांप पेपर पर एग्रीमेंट किया जाता था, जिसका खर्च उपभोक्ता को उठाना पड़ता था। इसके अलावा सोलर से बनने वाली बिजली की रिकॉर्डिंग के लिए लगाए जाने वाले मीटर की टेस्टिंग का शुल्क भी देना होता था। अब नए निर्णय के बाद इन दोनों शुल्कों से घरेलू उपभोक्ताओं को राहत मिल गई है।
बिहार में तेजी से बढ़ रही है योजना की लोकप्रियता
राज्य में प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना को अच्छा प्रतिसाद मिल रहा है। अब तक 80,904 से अधिक आवेदन प्राप्त हो चुके हैं। इनमें से 23,295 घरों में ग्रिड कनेक्टेड रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाए जा चुके हैं, जिससे लगभग 23,928 परिवार लाभान्वित हो रहे हैं। इसके अलावा राज्य सरकार ने 2.5 लाख कुटीर ज्योति उपभोक्ताओं की छतों पर भी नि:शुल्क ग्रिड कनेक्टेड सोलर सिस्टम लगाने की दिशा में काम शुरू कर दिया है।
योजना का लाभ लेने के लिए क्या करें?
अगर आप भी अपने घर की छत पर सोलर पैनल लगवाना चाहते हैं, तो पहले यह सुनिश्चित करें कि आप योजना की पात्रता पूरी करते हैं। इसके बाद निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार आवेदन करें। योजना के तहत स्वीकृति मिलने पर आपको सरकार की ओर से निर्धारित सब्सिडी का लाभ मिलेगा और अब आवेदन शुल्क व मीटर टेस्टिंग शुल्क भी नहीं देना होगा।
