हरियाणा में लगातार बढ़ रही भीषण गर्मी और लू को देखते हुए राज्य सरकार ने स्कूलों की गर्मियों की छुट्टियां 6 दिन पहले घोषित कर दी हैं। अब प्रदेश के स्कूलों में 25 मई 2026 से समर वेकेशन शुरू होगी। इससे पहले छुट्टियां 1 जून 2026 से शुरू होनी थीं।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा के बीच बुधवार को हुई बैठक में यह बड़ा फैसला लिया गया। सरकार ने बच्चों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया है।

Haryana Summer Vacation 2026 Latest Update
प्रदेश में लगातार बढ़ते तापमान और लू के ऑरेंज अलर्ट को देखते हुए सरकार ने स्कूलों की छुट्टियां एडवांस करने का फैसला लिया है। हरियाणा के कई जिलों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच चुका है, जिससे छोटे बच्चों को स्कूल आने-जाने में काफी परेशानी हो रही थी।
अब 25 मई 2026 से प्रदेश के स्कूलों में समर वेकेशन लागू होगी। 25 मई 2026 से लेकर 30 जून 2026 तक हरियाणा के सभी स्कूलों में ग्रीस कालीन अवकाश रहेगा।
हरियाणा में रिकॉर्ड तोड़ गर्मी
इस साल हरियाणा में रिकॉर्ड तोड़ गर्मी पड़ रही है। कई शहरों में तापमान लगातार 45°C से 47°C के बीच बना हुआ है। मौसम विभाग ने पहली बार राज्य में भीषण लू को लेकर ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया है।
रोहतक रहा सबसे गर्म शहर
बुधवार को रोहतक हरियाणा का सबसे गर्म शहर दर्ज किया गया, जहां अधिकतम तापमान 46.9 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार आने वाले दिनों में भी गर्मी से राहत मिलने की संभावना कम है।
7 शहरों में 45 डिग्री से ज्यादा तापमान
हरियाणा के कम से कम 7 प्रमुख शहरों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस से अधिक दर्ज किया गया है। सबसे ज्यादा प्रभावित जिलों में:
- रोहतक
- सिरसा
- हिसार
- भिवानी
- फतेहाबाद
- झज्जर
- चरखी दादरी
शामिल हैं।
मौसम विभाग ने जारी की एडवाइजरी
मौसम विभाग ने लोगों को दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक घर से बाहर न निकलने की सलाह दी है। विभाग के अनुसार 25 मई तक गर्मी और लू से राहत मिलने की संभावना नहीं है।
25 मई से शुरू होगा नौतपा
हरियाणा में 25 मई से नौतपा शुरू हो रहा है, जो 2 जून 2026 तक चलेगा। इस दौरान भीषण गर्मी और हीटवेव का खतरा सबसे ज्यादा रहता है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि नौतपा के दौरान तापमान में और बढ़ोतरी हो सकती है।
सरकार का मुख्य उद्देश्य
सरकार का कहना है कि इस फैसले का मुख्य उद्देश्य स्कूली बच्चों को भीषण गर्मी और लू से बचाना है ताकि उनके स्वास्थ्य पर कोई बुरा प्रभाव न पड़े। लगातार बढ़ते तापमान को देखते हुए यह फैसला एहतियात के तौर पर लिया गया है।
