किसानों को राहत देने के लिए महाराष्ट्र सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने घोषणा की है कि राज्य में 7.5 हॉर्सपावर तक के कृषि पंप उपयोग करने वाले किसानों के 48 हजार करोड़ रुपये के पुराने बिजली बिल माफ किए जाएंगे। सरकार का कहना है कि इस निर्णय से किसानों को पुराने बकाया से राहत मिलेगी और खेती से जुड़े कार्यों में आर्थिक दबाव कम होगा।
7.5 HP तक के कृषि पंप धारकों को मिलेगा लाभ
मुख्यमंत्री ने बताया कि जिन किसानों के पास 7.5 हॉर्सपावर तक के कृषि पंप हैं, उनके सभी पुराने बिजली बकाया को समाप्त किया जाएगा। इससे किसानों को नया बिजली कनेक्शन लेने या अन्य बिजली संबंधी सेवाओं का लाभ उठाने में किसी प्रकार की परेशानी नहीं होगी।
हर साल 25 हजार करोड़ रुपये देगी सरकार
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिजली बिल माफी का बोझ आम जनता पर नहीं डाला जाएगा। राज्य सरकार बिजली वितरण कंपनियों को सहायता देने के लिए हर वर्ष करीब 25 हजार करोड़ रुपये का बजट उपलब्ध कराएगी, ताकि किसानों को बिजली सुविधा बिना किसी रुकावट के मिलती रहे।
किसानों को दिन में मिलेगी बिजली
सरकार ने राज्य में किसानों को दिन के समय बिजली उपलब्ध कराने का भी लक्ष्य तय किया है। मुख्यमंत्री के अनुसार अभी लगभग 76 प्रतिशत किसानों को दिन में बिजली मिल रही है, जबकि सरकार का उद्देश्य इस वर्ष के अंत तक इसे 100 प्रतिशत तक पहुंचाना है। इसके लिए सौर ऊर्जा परियोजनाओं को भी तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है।
8 से 12 घंटे तक मुफ्त बिजली की तैयारी
सरकार का दावा है कि सौर ऊर्जा परियोजनाएं पूरी होने के बाद किसानों को दिन के समय 8 से 12 घंटे तक मुफ्त बिजली उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाएगी। इससे सिंचाई आसान होगी और रात के समय खेती करने की मजबूरी भी कम होगी।
कृषि ऋण माफी नियमों में भी दी राहत
मुख्यमंत्री ने किसानों के हित में फसल ऋण माफी योजना के नियमों में भी बदलाव का ऐलान किया। सरकार ने 2 लाख रुपये तक की ऋण माफी और समय पर ऋण चुकाने वाले किसानों को मिलने वाले 50 हजार रुपये के प्रोत्साहन से जुड़ी पुरानी शर्तों को हटाने का फैसला लिया है, ताकि अधिक से अधिक किसानों को इसका लाभ मिल सके।
