हरियाणा सरकार किसानों को पारंपरिक खेती के साथ बागवानी अपनाने के लिए लगातार प्रोत्साहित कर रही है। खासकर जुलाई से सितंबर के बीच फलदार पौधों की रोपाई को देखते हुए सरकार ने किसानों के लिए आकर्षक सब्सिडी योजनाएं लागू की हैं। इन योजनाओं के तहत पात्र किसानों को प्रति एकड़ ₹43,000 तक का अनुदान दिया जा रहा है। वहीं, ‘मेरा पानी-मेरी विरासत’ योजना से जुड़े किसानों को ₹50,000 तक की आर्थिक सहायता भी उपलब्ध कराई जाएगी।
जुलाई से सितंबर तक बाग लगाने का सबसे अच्छा समय
बागवानी विशेषज्ञों के अनुसार बारिश का मौसम नए फलदार पौधे लगाने के लिए सबसे उपयुक्त माना जाता है। इस दौरान पौधों की जड़ें तेजी से विकसित होती हैं और उनके जीवित रहने की संभावना भी अधिक रहती है। इसी कारण सरकार किसानों से अपील कर रही है कि वे इस मौसम का लाभ उठाकर बागवानी की ओर कदम बढ़ाएं।
बाग लगाने पर मिलेगी तीन साल तक आर्थिक सहायता
सरकार की योजना के तहत किसानों को नए फलों के बाग लगाने पर चरणबद्ध तरीके से अनुदान दिया जाएगा। पहले वर्ष पौधारोपण के लिए सहायता राशि मिलेगी, जबकि अगले दो वर्षों तक पौधों की देखभाल, सिंचाई, खाद और अन्य रखरखाव के लिए अतिरिक्त अनुदान दिया जाएगा। इससे किसानों पर शुरुआती आर्थिक बोझ कम होगा।
पानी बचाने के लिए बागवानी को दिया जा रहा बढ़ावा
हरियाणा में कई क्षेत्रों में धान की खेती के कारण भूजल स्तर लगातार प्रभावित हो रहा है। इसी समस्या को देखते हुए सरकार किसानों को कम पानी वाली फसलों और बागवानी की ओर प्रेरित कर रही है। फलों की खेती न केवल पानी की बचत करती है, बल्कि लंबे समय में किसानों को बेहतर और स्थायी आय भी उपलब्ध कराती है।
इन फलों की खेती पर सरकार का फोकस
बागवानी विभाग आम, अमरूद, आंवला, जामुन, लीची, बेर और आलूबुखारा जैसे फलदार पौधों की खेती को बढ़ावा दे रहा है। इन फलों की बाजार में अच्छी मांग होने के कारण किसानों को बेहतर दाम मिलने की संभावना रहती है। कई किसान पहले से ही बागवानी अपनाकर अच्छी आय अर्जित कर रहे हैं।
आवेदन के लिए ये दस्तावेज जरूरी
योजना का लाभ लेने के लिए किसानों को ‘मेरी फसल-मेरा ब्यौरा’ या हॉर्टनेट (HortNet) पोर्टल पर ऑनलाइन पंजीकरण कराना होगा। आवेदन के समय परिवार पहचान पत्र (PPP), बैंक खाते की पासबुक और भूमि से संबंधित दस्तावेज तैयार रखने होंगे।
10 एकड़ तक मिलेगा योजना का लाभ
सरकारी नियमों के अनुसार पात्र किसान अधिकतम 10 एकड़ तक नए बाग लगाकर अनुदान प्राप्त कर सकते हैं। सरकार का उद्देश्य किसानों को पारंपरिक खेती के साथ बागवानी जोड़कर उनकी आय बढ़ाना और खेती को अधिक लाभदायक बनाना है।
